Tuesday 10 January 2012

एक टूटा सपना


एक बार मैनें लिखी थी एक कविता हमारे बारे में,
तुम्हारी हँसी को याद करके, कुछ तुम्हारे बारे में,

डायरी के पन्नों में कुछ किस्से लिखे थे,
तुम्हारी पिछली बातें पढ़ के,
कुछ तुम्हारी लिखीं सच्ची बातें,
अपने मन में सोची कुछ झूठी बातें गढ़ के,

तुमने कहा था तुम्हारी भोली कविताएँ सच्ची लगती हैं,
मैनें लिखा कि तुम्हारी ये बातें मुझे अच्छी लगती हैं,

तुमने एक बार मेरे नाम को छोटा करके बिगाड़ा था,
मैनें लिखा कि तुमने उस दिन मुझे प्यार से पुकारा था,

एक दिन किसी से नाराज़ और खुद से उदास थी तुम,
अपने बेवकुफियों से तुम्हे हँसाया था,
एक अजीब सा सुकून मिला था दिल को,
लिखा मैनें कि तुम्हारे आँसुओं को अपनी बातों से सुखाया था,

एक दिन रुठा था मैं और फिर उल्टा मैनें ही तुम्हे मनाया था,
उसे तुम्हारी प्यारी सी जीत कहकर अपनी यादों में बसाया था,

एक दिन तुमने अपने प्यार के बारे में मुझे बताया था,
मुझे लगा यूँ ही किसी का नाम लेकर मुझे चिढ़ाया था,

पर सच के पत्थर ने मेरी कल्पना का आईना चूर किया,
और धीरे-धीरे मुझे सपनों और तुम्हे मुझसे दूर किया,

शायद ये मेरा वहम था, मेरा ख्याल था,
पर शायद तुम्हें भी मेरे यूँ बदलने का मलाल था,

बदली ना तुम ना मैं,
बस मैं अपनी सोच पर हैरान था,
सब जानते हुए तुमने मुझसे कुछ क्यों ना कहा,
बस यही बात सोच कर परेशान था,

दोस्त कहा था मैनें तुम्हे,
पर दोस्ती तुम निभा गईं,
मुझे और तकलीफ से बचाने के लिए,
तुम खुद ही मुझसे दूर चली गई,

धीरे धीरे दूर हुई तुम मुझसे,
और मैं बस यूहीं देखता रह गया,
अपने झूठ को सच समझा,
और सपनों की दुनिया में अकेला रह गया,

बस वही कविताएँ बार बार पढ़ता रहता हूँ,
तुम्हे याद करके उदास होता हूँ,
तो कभी अपनी नासमझी पर हँसता रहता हूँ

'आपकामित्र' गुरनाम सिहं सोढी
१० जनवरी, २०१२


10 comments:

Manu said...

वाह! क्या बात है . "पर सच ले पत्थर के मेरी कल्पना का आइना चूर कर दिया." क्या खूब लिखा है, दुनिया का तो दस्तूर है जी, सच में जीयो और झूठ में उलझो :)))

वन्दना said...

आह ! बहुत खूब्।

Gurnam Singh Sodhi said...

thank you manu bhai... mera matlab manu behan :D Pom Pom :)

Gurnam Singh Sodhi said...

dhanyawad vandana ji... aap mera blog regularly padhti hain... par main aisa nahi kar pata.. :(

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का अनोखा अंदाज़.. यह संवेदना बनाए रखिये!!

सदा said...

वाह ...बहुत बढि़या

The Pink Orchid said...

Dil ko chhoo liya sodhi saahab aapne..

arorareema said...

lovely poem

arorareema said...

lovely poem

Ankur Srivastava said...

बहुत बहुत सुन्दर लेखनी है आपकी :)

क्या करूँ मुझे लिखना नही आता...

कैसी लगी कविताएँ.... बताईएगा ज़रूर....